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मंत्री अरविंद शर्मा और नगर परिषद चेयरपर्सन रजनी विरमानी में ठनी

मंत्री के कार्यक्रम में नहीं पहुंची नप चेयरपर्सन, बाद में नगर परिषद का किया शुद्धिकरण

Satyakhabarindia

 

सत्य खबर हरियाणा

Minister V/s Municipal chairman : गोहाना की भाजपा की राजनीति में उसे समय तूफान आ गया जब हरियाणा सरकार में सहकारिता एवं जेल मंत्री अरविंद शर्मा के कार्यक्रम के बाद नगर परिषद कार्यालय का शुद्धिकरण किया गया और नगर परिषद द्वारा कूड़ा उठाने के लिए लगाई के गाड़ियों पर भी गंगाजल छिड़का गया।

असल में पिछले काफी समय से हरियाणा सरकार में मंत्री और गोहाना नगर परिषद चेयरपर्सन के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता चल रही है। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और नगर परिषद चेयरपर्सन रजनी विरमानी के बीच मतभेद गहराते जा रहे हैं।

मंत्री शर्मा और विरमानी परिवार के बीच मतभेद की शुरुआत करीब 10 महीने पहले हुई थी। गुरुद्वारे के पास बन रहे एक द्वार के उद्घाटन समारोह में चेयरपर्सन के पति इंदरजीत उर्फ राजू विरमानी ने मंत्री को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया था। कार्यक्रम के दौरान व्यवस्था में अव्यवस्था होने पर मंत्री ने मंच से ही राजू विरमानी को व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोक दिया था। बताया जाता है कि राजू विरमानी ने इसे सार्वजनिक अपमान माना। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच दूरियां बढ़ती चली गईं और कई मुद्दों पर मतभेद खुलकर सामने आने लगे।

ताजा मामले के अनुसार 27 मई को नगर परिषद द्वारा डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने के लिए नई गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा मुख्य रूप से मौजूद रहे। वाइस चेयरपर्सन राजबाला मलिक और कई पार्षद भी कार्यक्रम में शामिल हुए, लेकिन चेयरपर्सन रजनी विरमानी उपस्थित नहीं रहीं। चेयरपर्सन की अनुपस्थिति को लेकर जब मंत्री से सवाल किया गया तो उनका कहना था कि चेयरपर्सन और उनके पति को कार्यक्रम में बुलाने के लिए फोन भी करवाया गया था, लेकिन वे नहीं आए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच चल रहा विवाद सार्वजनिक रूप से चर्चा में आ गया। गोहाना में वर्तमान में मंत्री और नगर परिषद चेयरपर्सन के बीच विवाद हर व्यक्ति की जुबान पर चर्चा में है।

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मंत्री के दौरे के बाद हुआ हवन और गंगाजल छिड़काव

कूड़ा उठान योजना के कार्यक्रम के दो दिन बाद 29 मई को नगर परिषद कार्यालय में चेयरपर्सन रजनी विरमानी की मौजूदगी में हनुमान चालीसा पाठ, हवन यज्ञ और गंगाजल छिड़काव कराया गया। इस दौरान रजनी विरमानी उन वाहनों और स्थान पर भी गंगाजल छिड़कती नजर आईं, जहां मंत्री अरविंद शर्मा कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे थे। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं और कई पार्षदों व विरोधियों ने इसे मंत्री के दौरे के बाद किए गए ‘शुद्धिकरण’ से जोड़कर देखा जा रहा है।

धार्मिक आयोजन पर भी उठा विवाद

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) दीपक गोयल ने इस धार्मिक आयोजन की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीएम को पत्र लिखकर दी। बताया गया कि कार्यालय परिसर में इस तरह के आयोजन की अनुमति नहीं ली गई थी, इसके बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया गया।

क्या बोली रजनी विरमानी

विवाद बढ़ने पर चेयरपर्सन रजनी विरमानी ने कहा कि नगर परिषद उनके लिए मंदिर समान है। उन्होंने दावा किया कि शहर की शांति, विकास कार्यों की सफलता और सकारात्मक वातावरण के लिए हनुमान चालीसा पाठ व हवन यज्ञ कराया गया था। उनका कहना था कि कुछ लोग विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं, इसलिए मंगल कामना के लिए यह धार्मिक अनुष्ठान किया गया। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि ईओ ने उनके खिलाफ प्रशासन को पत्र क्यों लिखा।

पंचनद द्वार निर्माण पर भी टकराव

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दोनों पक्षों के बीच पंचनद द्वार निर्माण को लेकर भी मतभेद सामने आए। पंचनद सोसाइटी की मांग पर नगर परिषद ने मेन बाजार क्षेत्र में द्वार निर्माण का प्रस्ताव पारित कर निर्माण कार्य शुरू कराया था। रजनी विरमानी और उनका पक्ष इसी स्थान पर निर्माण के समर्थन में है। वहीं मंत्री अरविंद शर्मा और उनके समर्थक द्वार को किसी दूसरे स्थान पर बनाए जाने की वकालत कर रहे हैं। उनका तर्क है कि मेन बाजार पहले से ही भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है और वहां द्वार बनने से यातायात प्रभावित होगा। मंत्री सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वह सामने से राजनीति करते हैं और द्वार किसी दूसरी जगह बनाया जाना चाहिए।

15 पार्षद भी विरोध में आए

23 सदस्यीय नगर परिषद में से 15 पार्षद चेयरपर्सन के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। पार्षदों का आरोप है कि रजनी विरमानी परिषद में मनमाने ढंग से फैसले ले रही हैं और अन्य सदस्यों की राय को महत्व नहीं दिया जा रहा। वहीं रजनी विरमानी ने पलटवार करते हुए कहा कि कुछ पार्षदों की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है और वे विकास कार्यों में बाधा पहुंचा रहे हैं।

वाइस चेयरपर्सन पक्ष ने उठाए सवाल

वाइस चेयरपर्सन राजबाला मलिक ने कहा कि मंत्री दो बार नगर परिषद के कार्यक्रमों में आए, लेकिन दोनों बार चेयरपर्सन मौजूद नहीं रहीं। उनके जाने के बाद हवन और पूजा-पाठ कराया गया, जिससे गलत संदेश गया। उनका कहना है कि पूजा-पाठ व्यक्तिगत आस्था का विषय है, लेकिन इसका राजनीतिक इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।

विवाद के बीच बयानबाजी

मंत्री अरविंद शर्मा के पीए सुनील लाकड़ा ने आरोप लगाया कि पहले यह टेंडर करीब 19 करोड़ रुपए में किया गया था, जबकि अब वही काम लगभग 12 करोड़ रुपए में पांच साल के लिए कराया गया है। इस पर राजू विरमानी ने जवाब देते हुए कहा कि 19 करोड़ रुपए के टेंडर संबंधी आरोपों के सबूत पेश किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में कूड़ा उठान पर करीब 15 लाख रुपए प्रतिमाह खर्च हो रहा था और वर्तमान टेंडर सरकार की निर्धारित प्रक्रिया तथा आरएफपी के अनुसार हुआ है।

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चेयरपर्सन पति बोले, ईओ को नोटिस जारी किया

राजू विरमानी ने बताया कि चेयरपर्सन कार्यालय की ओर से नगर परिषद के ईओ दीपक गोयल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि उन्होंने चेयरपर्सन के खिलाफ प्रशासन को पत्र किस अधिकार के तहत लिखा। 27 मई को आयोजित कूड़ा उठान योजना के कार्यक्रम के लिए ईओ ने केवल औपचारिक सूचना भेजी थी और चेयरपर्सन से समय या सहमति लेना जरूरी नहीं समझा। उनका कहना है कि नगर परिषद की निर्वाचित अध्यक्ष होने के नाते कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने में चेयरपर्सन की महत्वपूर्ण भूमिका होनी चाहिए थी, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। हनुमान चालीसा पाठ के दौरान ईओ अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे। नगर परिषद में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चेयरपर्सन और मंत्री का बयान

चेयरपर्सन रजनी विरमानी का कहना है कि नगर परिषद कार्यालय मेरे लिए मंदिर समान है। इसलिए वहां हवन कराया गया था।
इधर मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि विधायक होने के नाते मैं नगर परिषद गोहाना का स्थायी आमंत्रित सदस्य हूं। गोहाना का जनप्रतिनिधि होने के नाते, यहां का सर्वांगीण विकास मेरी जिम्मेदारी है। जब भी मुझे गोहाना नगर परिषद में जाने का अवसर मिलता है, मेरा एकमात्र लक्ष्य विकास होता है। मेरा किसी से कोई विवाद नहीं है। वे ऐसा क्यों कर रहे हैं, यह उन्हीं से पूछना चाहिए।

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